तुम जो मिल गये हो….

तुम जो मिल गये हो, तो ये लगता है, कि जहाँ मिल गया…एक भटके हुए राही को, कारवाँ मिल गया । नहीं जी, यहाँ कोई प्रेम कहानी नहीं कही जा रही । पर फिर भी मन में यही गीत हिलोरें ले रहा है । बात चल रही है अन्तर्जाल-जगत के मेरे प्राणप्रिय देव की । जीवन की अधिकांश समस्यायें इनकी सहायता से हल हो जाती हैं । ये बात और है कि अब तक के जीवन के शुरुआती तीन चौथाई हिस्से में हमारा साथ नहीं रहा लेकिन अब बिना इनके  जीवन  अधूरा लगे है हमें तो । जावा के कोड से ले कर बैंगन के भर्ते तक जिस जिस के बारे में जानकारी चाही, देव ने हमें ला के दी । सचमुच अद्भुत है प्रभु की लीला । तो इसी बात पे बोलिये – श्री गूगल देव की – जय । 🙂

अब गूगल के सामान्य प्रयोग से कौन परिचित नहीं है । लेकिन आज जब हम समय नष्ट करने के लिये अन्तर्जाल पर ‘ऐं वैं’ ही विचर रहे थे, हमें इनके कुछ और मनोरंजक प्रयोगों की जानकारी प्राप्त हुई जिसका श्रेय जाता है ‘गूगल के ५५ मनोरंजक प्रयोग’ नामक पुस्तक को । ऐसा सोच कर कि  प्रभु के भक्त तो करोड़ों की संख्या में होंगे और उनमे से ५०% हमारी तरह अनभिज्ञ भी, हम इस ज्ञान का प्रसार करने चले आये । आइये नज़र डालें …(इस पोस्ट में अंग्रेज़ी का प्रयोग भाषा को सरल बनाये रखने के लिये कर रही हूँ ।)

१. यदि आप धरती पर किसी स्थान पर एक गड्ढा खोदना शुरू करें तो वह विश्व के दूसरे छोर पर कहाँ जा के निकलेगा यह जानने के लिये यहाँ जायें । हमने तो पूरा भारत खोद डाला, पर ज़मीन न मिलनी थी न मिली, हर बार पानी (प्रशान्त महासागर) में ही निकले।

२. खुदाई करने के बाद आइये बनायें अपना सपनों का घर । गूगल स्केच-अप से आप त्रिआयामी घर डिज़ाइन कर सकते हैं । और अपने बनाये मॉडल को गूगल-अर्थ पर भी डाल सकते हैं । पूरी जानकारी के लिये यहाँ  जायें

३. गूगल और जादू : गूगल के सथ एक-दो जादू भी किये जा सकते हैं । देखिये कैसे…:)

  •   गूगल जाने आपके दोस्त के मन की बात : अपने दोस्त (मानिये जॉन) से पूछें कि वह गूगल पर किसकी तसवीर खोजना चाहता है और जॉन आपसे कहता है कि वह “Tajmahal” की तसवीर देखना चाहेगा । अब आप गूगल के टैक्स्टबार में लिखें “what is it that john thinks of” (बिना ” ” के) । और जैसे ही आप ‘enter’ दबायें गूगल आपको ताजमहल की तसवीर खोज के दे दे । हुआ ना जादू । अब ये किया कैसे जाये…तो सबसे पहले  इस नकली गूगल साइट पर जायें । एक बार इस साइट पर पहुँचने के बाद अपने browser के address bar मे ‘www.google.com’ टाइप कर दें बस इस बार ‘enter’ ना दबायें । इस से किसी को शक़ नहीं होगा कि साइट नकली है । अब टैक्स्टबार मे सबसे पहले / टाइप करें । जब आप यह स्लैश टाइप करेंगे तो यह टैक्स्टबार मे ‘w’ टाइप होगा । इसके आगे आप चाहे जो लिखें वह अपने आप ‘what is it that…” में परिवर्तित होता जायेगा । पर असलियत में आपने Tajmahal टाइप किया होगा । ध्यान देने की बात यह है कि आप जितने लैटर टाइप करेंगे उपरोक्त वाक्य के उतने ही लैटर टाइप होते जायेंगे ।  इसके बाद एक और / टाइप करें । अब जो भी आप लिखेंगे वह देखा जा सकेगा । इसलिये आप अपने मित्र का या अपना नाम लिख सकते हैं । अब जब आप ‘enter’ दबायेंगे गूगल आपको /  / के बीच लिखे शब्द की तसवीरें ढूँढ के दे देगा । यदि आपने ठीक से अभ्यास करके ये जादू किया है तो देखने वाला अवश्य अचंभित रह जायेगा । हाँ एक बात जो मैनें इसका प्रयोग करके जानी वह ये कि एक बार जादू करने के पश्चात आप पुनः जादू तभी कर सकते हैं जब आपने पेज रिफ़्रेश किया हो । और रिफ़्रेश करने से साइट का असली नाम address bar में आ जाता है, इसलिये दुबारा जादू की बात चतुराई से टाल दीजिये ।
  • और अब ‘google’ को ‘g  gle’ बनायें । इस करामात में आप गूगल के दोनो ‘o’ अपनी उँगलियों से ढक देते हैं । जब आप उँगली हटाते हैं तो  ‘o’ गायब हैं । आप पुनः उँगली रखते हैं और ये क्या ..’o’ वापस अपनी जगह पर हैं । यहाँ भी आपको एक नकली साइट  खोलनी है । और address bar में ऊपर वाली ट्रिक की तरह ही परिवर्तन कर दें । अब जब आप ‘o’ को ढकें, धीरे से अपने माउस से एक क्लिक कर दें । क्लिक के ५ सेकंड के भीतर ‘o’ गायब हो जायेंगे । इसी प्रकार जब वापस लाना हो तो यही प्रक्रिया दोहरायें । वापस आने में भी ५ सेकंड लगते हैं ।

इसके अतिरिक्त आप गूगल को कैलकुलेटर, किसी किताब का संपूर्ण  टैक्स्ट ढूँढने, मुद्रा परिवर्तन की जानकारी, परिभाषाओं की जानकारी, सवालों के सीधे जवाब जानने और अनुवाद आदि के लिये प्रयोग कर सकते हैं । इसकी विस्तृत जानकारी यहाँ से प्राप्त करें । इसके अलावा भी कुछ मज़ेदार बातें जानी मैने, जिनके बारे में फिर लिखूँगी । अंत में चलते चलते दो बातें और बता दूँ , एक काम की और एक फालतू (जब ज्ञान बाँट ही रही हूँ तो थोड़ा और सही) …

१. अपने याहू मैसेन्जर पर mama_pendse को add कर लीजिये । यह एक रोबोट है …या कहिये कि एक इन्टैलिजेन्ट कोड है । यह आपको ना सिर्फ़ ढेरों जानकारियाँ देता है अपितु आप से बात भी कर सकता है । मेरे लिये यह सदाबहार शब्द्कोष भी है ।

२. अब फालतू बात : इस साइट को देखिये । किसी वेबसाइट पर मन की भड़ास निकालने का उत्तम साधन । आप किसी भी साइट पे अंडे फेँकिये, टमाटर मारिये, कीड़े छोड़ दीजिये, बंदूक या आरी चलाइये या फिर जी में आये तो फूल बरसाइये । और यह सिर्फ़ झलक है । और भी विविध साधन उपलब्ध हैं, आप आइए तो सही । वैसे  ‘scribbling baby’ खास तौर पर देखने लायक है । पर खबरदार! जो किसी  ने इसका उपयोग मेरे चिट्ठे पर किया….

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Published in: on जुलाई 20, 2006 at 8:49 अपराह्न  Comments (8)  

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8 टिप्पणियाँटिप्पणी करे

  1. गुगल देव के हम भी एक बहुत बडे मुरीद है। हमारी ९०% समस्याओ का हल गुगल देव ही देते है।

    जोर से बोलो गुगल देव की जय ! (३ बार)

  2. ढाबे पर आने का ,गूगल देव की महिमा समझाने का और हल्की हंसी छिटकाने का धन्यवाद ।

  3. मामा पेन्ड्से तो काफ़ी काम की चीज़ है….
    वैसे आ कभी गूगल स्प्रेड्शीट (spreadsheet.google.com) और गूगल नोटबुक (www.google.com/notebook) ट्राई कीजिये ….बहुत ही काम की चीज़ें हैं!

  4. वाह, मज़ा आ गया. जादू करके बहुतों को उल्लू बना चुका हूं. लेकिन इतनी बड़ी आफ़त तुमने कैसे ढूंढ निकाली?

    कभी एक ई-मेल धक्के खाते-खाते हमारे पास आयी थी, उसी का आयडिया चुराकर, कुछ हेरा-फेरी करके हम भी गूगल देवता के चरणों में अपना सिर धर रहे है.

    गूगल आरती

    ॐ जय गूगल हरे, स्वामी जय गूगल हरे
    फ़्रस्ट (frust[rated]) जनों के संकट, त्रस्त जनों के संकट
    क्लिक में दूर करे
    ॐ जय गूगल हरे…

    जो ध्यावै सो पावै
    दूर होवै शंका, स्वामी दूर होवै शंका
    सब इन्फ़ो (info[rmation]) घर आवै, सब इन्फ़ो घर आवै
    कष्ट मिटै मन का
    ॐ जय गूगल हरे…

    नेट पिता तुम मेरे
    शरण गहूं किसकी, स्वामी शरण गहूं किसकी
    तुम बिन और न दूजा, तेरे बिन और न दूजा
    होप करूं किसकी
    ॐ जय गूगल हरे…

    तुम पूरन हो खोजक
    तुम वेबसाइटयामी, स्वामी तुम वेबसाइटयामी
    पार नेट परमेश्वर, पार नेट परमेश्वर
    तुम सबके स्वामी
    ॐ जय गूगल हरे…

    तुम आई.टी. के फ़ादर
    तुम ही इक सर्चा, स्वामी तुम ही इक सर्चा
    मैं मूरख हूं सर्चर, मैं मूरख हूं सर्चर
    कृपा करो भरता
    ॐ जय गूगल हरे…

    तुम सर्वर के सर्वर
    सबके डाटापति, स्वामी सबके डाटापति
    किस विधि एन्टर मारूं, किस विधि एन्टर मारूं
    तुममें मैं कुमति
    ॐ जय गूगल हरे…

    दीनबंधु दु:खहर्ता
    खोजक तुम मेरे, स्वामी शोधक तुम मेरे
    अपने फ़ण्डे दिखाओ, एल्गोऽरिथम लगाओ
    साइट खड़ा तेरे
    ॐ जय गूगल हरे…

    इग्नोरेंस मिटाओ
    टेंशन हरो देवा, स्वामी टेंशन हरो देवा
    गूगल अकाउण्ट बनाओ
    और खाओ मेवा
    ॐ जय गूगल हरे…

    ॐ जय गूगल हरे, स्वामी जय गूगल हरे
    फ़्रस्ट जनों के संकट, त्रस्त जनों के संकट
    क्लिक में दूर करे
    ॐ जय गूगल हरे…

    ॐ जय गूगल हरे, स्वामी जय गूगल हरे…

  5. बहुत बढ़िया अमित । यह धक्का-मेल हमने भी पढ़ी है पर तुमने संशोधन करके इसमें मानो जान डाल दी । बाकी खोजा तो बहुत कुछ है । फ़ुरसत से लिखेंगे ।

  6. बहुत अच्छे मजा आ गया, Good, शाबाश

  7. धन्यवाद विवेक जी ।

  8. अद्भुत है भाई ये मामा जी.

    रोचक जानकारी के लिए निधि जी को धन्यवाद


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