मम्मी के डायलॉग

अभी थोड़ी देर पहले मेरी मम्मी से मेरी बात हुई…फोन पर । जब भी बात होती है…चाहे फोन पर या फिर आमने सामने, मम्मी के कुछ ऐसे डायलॉग हैं जो ज़रूर सुनने को मिलते हैं । और मुझे लगता है कि शायद ये हर बच्चा अपने माता-पिता से कभी न कभी ज़रूर सुनता होगा…सोचा ऐसी कुछ बातें आपके साथ बाँटू ।

१. “हमें तो पहले ही पता था” ।

ये डायलॉग शायद सबसे आम है । और ये तब कहा जाता है जब आप कुछ गड़बड़ कर देते हैं । मसलन आपसे दूध गिर गया या मान लीजिये और कोई नुकसान हो गया तो कहा जाता है “हमें तो पहले ही पता था ये होने वाला है” । बड़ी नाइन्साफ़ी है । अगर पहले पता होता है तो हम लोगों को बताना चहिये न जिससे हम पहले ही सावधानी बरतें ।

२. “जब हम तुम्हारी उमर के थे…

ये तो पूरी सीरीज़ है । बहुत सी जगह इसके विविध प्रयोग किये जाते हैं । उदाहरण के लिये…

“जब हम तुम्हारी उमर के थे तो पूरा घर संभाल लेते थे”

“जब हम तुम्हारी उमर के थे हमारा ध्यान सिर्फ़ पढ़ाई पे रहता था”

“जब हम तुम्हारी उमर के थे तो फ़ैशन क्या होता है हमे पता भी नहीं था”

३. “हमने कभी अपनी माँ से ऊँची आवाज़ मे बात नहीं की

मुझे पूरा विश्वास है कि यह वाक्य पीढी दर पीढी चला आता है । जैसे मम्मी ने मुझसे कहा वैसे ही मैं भी कहा करूँगी अपने बच्चों से एक दिन ।

४. “हमें कभी पढाई के लिये कहना नहीं पड़ता था

इसका प्रयोग अधिकान्शत: स्कूल के दिनो मे किया जाता रहा । काफ़ी दिनो से कानों मे ये शब्द नहीं पडे़ अब तो ।

५. “पापा से पूछ लो, जैसा वो कहें

ये तब कहा जाता है जब किसी चीज़ को मना करना हो और मना करने के बाद बच्चे जो ड्रामा करते हैं उससे बचना हो । ९९% सम्भावना है कि पिता जी आपको वापस मम्मी के पास भेज देगें ।

६. “अब बाकी जैसी तुम्हारी मर्ज़ी

यह बेहद खतरनाक वाक्य है । इसका अर्थ शाब्दिक अर्थ का बिल्कुल उल्टा होता है । सीधे शब्दों मे कहें तो इसका मतलब है “अब और बहस नहीं, हमारा निर्णय अंतिम है (और इसे मानने मे ही भलाई है)” ।

अभी फिलहाल एक और बात याद आ गयी मम्मी की…”हर चीज़ का एक समय होता है” । अभी फिलहाल रात्रिभोज तैयार करने का वक्त हो गया सो चलती हूँ । कुछ याद आया तो फिर लिखूँगी ।

Published in: on June 15, 2006 at 2:48 pm

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23 Comments Leave a comment.

  1. On June 15, 2006 at 3:22 pm DesiPundit » Archives » उफ़ मम्मी! ज़माना बदल गया है Said:

    [...] निधि पड़ताल कर रही हैं  माँओं के तकियाकलामों की, अपनी मम्मी के बहाने। किसी चिट्ठे पर कभी उल्टा भी होगा? [...]

  2. On June 15, 2006 at 3:49 pm Nitine Said:

    Bahut bade ho gaye ho, ab baat kyun manoge…..

    That means her work now is done…..

  3. On June 15, 2006 at 3:54 pm Pratik Pandey Said:

    It’s really great to read your blog. You have amazing writing skill. I’m from Agra and it is good to know that you lived in Agra too.

  4. On June 15, 2006 at 4:09 pm Nidhi Said:

    DesiPundit जी, जब मेरा रोल बदलेगा तो इसका उलटा भी यहीं देख लीजियेगा । धन्यवाद नितिन, दो उक्तियाँ और बताने के लिये ।

    Pratik thank you very much for your encouraging words. Its just this encouragement I get here which keeps me going! We will talk over ‘Agra’ sometime may be.

  5. On June 15, 2006 at 4:25 pm सागर चन्द नाहर Said:

    निधि जी,
    एक अच्छा छुटकुला याद आया
    एक बच्चे को उसके पापा ने कहा शर्म आनी चाहिये ” जब हम तुम्हारी उम्र के थे….
    बच्चे ने कहा शर्म आपको आनी चाहिये आपसे भी कम उम्र के थे जब राजीव गाँधी देश के प्रधान मंत्री बन गये थे…. :)

  6. On June 16, 2006 at 12:46 am अनूप शुक्ला Said:

    बढ़िया है। जब हम तुम्हारी उमर के थे तो…।

  7. On June 16, 2006 at 3:06 am आशीष Said:

    मेरी मम्मी के कुछ डायलाग
    १.हमारे जमाने मे ऐसा नही होता था..
    २.बेटा, खाना खाया ? खाना समय पर खाने से ही शरीर को लगता है।
    -ये हर दिन हर बार फोन करने पर कम से कम तिन बार सुनने मिलता है!

  8. On June 16, 2006 at 3:24 am आशीष Said:

    एक जोडा डायलाग और याद आया. जोडा इसलिये की दोनो एक दूसरे के विपरीत है लेकिन दोनो ही इस्तेमाल होते है
    १.तुम बडे हो गये हो
    २.तुम इतने बडे नही हो

  9. On June 16, 2006 at 3:33 am निधि Said:

    आप सभी का धन्यवाद आपके विचारों के लिये । नाहर जी, चुटकुला बढि़या था । आशीष भाई, ये आखिरी दो बातें तो हमने भी बड़ी सुनी हैं । :D

  10. On June 16, 2006 at 4:28 am SHUAIB Said:

    मां के कुछ और डायलाग

    १ - अभी तेरी उम्र ही किया है।
    २ - हमारे सामने अभी बच्चा है तू।
    ३ - अरे, नाशता तो करके जा (मां हर दिन कहती है)
    ४ - जल्दी से उठ, आठ (८) बज गए ( अगर सात भी बजे हों तो मां आठ ही केहती है)
    ५ - बडों को उलटा जवाब नहीं देते।
    ६ - शाबाश बेटा
    ७ - वकत पर खाना खालेना
    ८ - अपनी सेहत का खयाल रखना
    ९ - खाना खालिया?
    १० - उफ, अभी तक खाना नही खाया?

    शुऐब

  11. On June 16, 2006 at 5:46 am प्रेमलता पांडे Said:

    चिरकाल से चला आ रहा सनातन सत्य बहुत सुंदरता से प्रस्तुत किया है।

  12. On June 16, 2006 at 5:49 am प्रेमलता पांडे Said:

    चिरन्तन सत्य।

  13. On June 16, 2006 at 11:05 am vijay wadnere Said:

    कुछ-एक जो मैं अक्सर सुना करता था -

    - पता नहीं क्या होगा तेरा.
    - आने दो पापा को..!
    - बेटा पढ ले, कुछ काम आयेगा.
    - बेटा बस्स कर अब, आँखों को आराम दे (टीवी देखते समय या काफ़ी देर से कम्प्यूटर पर काम करने के बाद)
    - सर में तेल लगा लिया करो.

  14. On June 16, 2006 at 6:16 pm मानसी Said:

    आने दो पापा को..!

    perfect.

  15. On June 17, 2006 at 9:36 pm पिटारा भानुमती का » नकली मां Said:

    [...] निधि ने कुछ दिन पहले अपनी मम्मी के डायलॉग का ज़िक्र किया था. मैंने टिप्पणी लिखनी चाही तो इतनी बड़ी हो गयी कि सोचा कि इसको अपने चिट्ठे पर ही छाप दूं. [...]

  16. On June 18, 2006 at 2:34 pm मनीष Said:

    बिलकुल सही जुमले छांटे हैं आपने ! शायद ही किसी ने अपनी माँ से इसे ना सुना हो !

  17. On June 20, 2006 at 6:05 am fursati Said:

    waise hi dads ke bhi dialog hote hain. fone pe pitajiyon ke saath ek standard conversation hota hai:

    1. kaise ho?
    2. padhai achchi chal rahi hai?
    3. paise chahiye??? !!!

  18. On June 20, 2006 at 11:58 am रवि Said:

    …DesiPundit जी, जब मेरा रोल बदलेगा तो इसका उलटा भी यहीं देख लीजियेगा ।…

    मैं शर्त लगा सकता हूँ, आपके शब्द भी हूबहू वही आपकी मम्मी जैसे ही होंगे.

    सारी मम्मियाँ एक सी ही होती हैं…

  19. On June 21, 2006 at 4:45 am Prashant Singh Said:

    Nidhi,

    Its such a nice posting, reminding of all the ‘jumle’ of childhood. Some of them are still available to be heard from mother. Though with age the sentences have changed.

    Mom’s asking about having dinner (even if you call up past midninght.)
    Her cribbing about ‘jyada padh likh liya hai na, ab baat kyon sunega’.

    Its nice to read the nostalgic posts on your blog. and I do agree with ravi, ‘Saari mummy ek si hi hoti hain..’ esp when it comes to usage of the cliches.

  20. On August 8, 2006 at 8:39 am rachana Said:

    hi nidhi,,enjoed reading some of your posts….this one is too good!! all “mother india” are same!!

  21. On August 9, 2006 at 3:51 am rachana Said:

    hi nidhi, thanks for informing me about my mistake..
    i think now one can reach to my site.

  22. On September 5, 2007 at 10:11 am pawnkothari Said:

    mammi kahati hain ………….
    beta… ab to shadi…kar… le….eeeeeeeeeeee….
    nidhi please tell me by a email…. why two people married in their life. its necessary or not please write for me i should marry or not i m wating for your advice.sothat my mother never say to me……….
    beta… ab to shadi…kar… le….eeeeeeeeeeee….
    my email id hain

    pkk2011@yahoo.co.in

    from udaipur rajasthan
    pawan kothari

  23. On March 20, 2008 at 3:13 pm shreeyans Said:

    hi nidhi
    i think tumko mumy ki bat maan lani chahiye. sadi ker lo . mai bhi maan leta hu . ab btyo kab mil rehi ho ? i m wating ur reply
    shreeyans

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